Class 8 Hindi Gaon Shahar Complete Solution | गाँव-शहर स्वाध्याय इयत्ता आठवी PDF
Maharashtra Board Class 8 Hindi Chapter 4 | गाँव-शहर हिंदी स्वाध्याय
.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;
background:#fff5f5;
border:2px dashed #c00000;
border-radius:8px;
color:#c00000;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}
@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}
‘भारतीय संस्कृति के दर्शन देहातों
में होते हैं‘ इस तथ्य पर अपने विचार लिखो।
उत्तर:
भारतीय संस्कृति में आस्तिक उदारता की भावना पाई जाती
है। हमारी संस्कृति अत्यंत विशाल, समृद्ध व
प्राचीन है। बड़ों के प्रति आदर व श्रद्धा भारतीय संस्कृति का बहुत ही बड़ा
सिद्धांत है। भारत में नदियों व पीपल जैसे वृक्षों तथा सूर्य व अन्य प्राकृतिक
देवी-देवताओं की पूजा करने की प्रथा सदियों से चली आ रहा है। भारतीय संस्कृति के
दर्शन शहरों की अपेक्षा देहातों में होते हैं। स्वयं गांधीजी का यह कथन प्रसिद्ध
है ‘यदि किसी विदेशी व्यक्ति को भारतीय संस्कृति का सच्चे
अर्थ में दर्शन करना है, तो उसे गाँव
की ओर बढ़ना चाहिए।‘ सचमुच आज भी
हमारे देहातों में पुराणी परंपरा एवं मान्यता को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है।
देहातों में आज भी त्योहारों को पारंपरिक पद्धति से
मनाया जाता है। देहातों में आज भी खुशी के पर्वों पर लोककला एवं लोकगीतों का आयोजन
किया जाता है। देहातों में जितना अधिक बल आध्यात्मिकता पर दिया जाता है, उतना शहरों में नहीं। देहातों में रहने वालों का जितना
अधिक विश्वास ईश्वर पर होता है; उतना शहर में
रहने वालों का नहीं होता। इसलिए कहा गया है कि भारतीय संस्कृति के दर्शन देहातों
में होते हैं।
गाँव-शहर स्वाध्याय PDF | गाँव-शहर PDF
* सूचना के अनुसार कृतियाँ करो :-
(१) तुलना करो :
उत्तर:
|
गाँव |
शहर |
|
(१) पीपल के सारे पत्ते झड़ गए हैं। |
(१) शहर ठसाठस भरे हुए हैं। |
|
(२) गेहूँ के खेतों में गेहूँ के स्थान पर गिलहरी धूप खाती है। |
(२) परमेसुर मेट्रो के खंभे के नीचे रात बिताता है। |
|
(३) गैया लँगड़ाकर चलती है। |
(३) शहर में आदमी सुबह आँख खुलते ही काम के लिए दौड़ पड़ता है। |
(२) उचित जोड़ियाँ मिलाओ :
|
अ |
उत्तर |
आ |
|
१. |
मेट्रो |
गाँव |
|
२. पीपल |
पीपल |
कस्बा |
|
शहर |
(३) कृति पूर्ण करो :
1. गाँव का देखना –
2. शहर का देखना –
उत्तर:
1. गाँव का देखना — टुकुर-टुकुर
2. शहर का देखना — दीदे फाड़कर
(४) एक शब्द में उत्तर लिखो :
१.
लँगड़ाकर चलने वाली –
२.
पत्ते झरा हुआ वृक्ष –
३.
बदले-से लगते हैं-
४.
जहाँ तिल रखने की जगह नहीं है।
उत्तर:
1. लँगड़ाकर चलने वाली – गैया
2.पत्ते झरा हुआ वृक्ष – पीपल
3. बदले-से लगते हैं – सुर
4. जहाँ तिल रखने की जगह नहीं है – शहर
Std 8 Hindi Gaon Shahar | Class 8 Hindi Maharashtra Board Gaon Shahar
.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;
background:#fff5f5;
border:2px dashed #c00000;
border-radius:8px;
color:#c00000;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}
@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}
पाठ्यपुस्तक
के पाठों से विलोम और समानार्थी शब्द ढूँढ़कर उनकी सूची बनाओ और उनका अलग-अलग
वाक्यों में प्रयोग करो।
उत्तर:
विलोम शब्द
1.गाँव X शहर
- वाक्य 1: मेरा गाँव
बहुत सुंदर है। - वाक्य 2: मेरा शहर बहुत
बड़ा है।
2.सुख X दुख
- वाक्य 1: सुख आने पर
ज्यादा उछलना नहीं। - वाक्य 2: दुख आने पर
ज्यादा घबराना नहीं।
3.प्रश्न X उत्तर
- वाक्य 1: कुछ प्रश्न
आसान तो कुछ प्रश्न कठिन होते हैं। - वाक्य 2: हर प्रश्न का
उत्तर होता ही है।
4.बुढ़ा X जवान
- वाक्य 1: हर आदमी एक ना
एक दिन बुढ़ा होता ही है। - वाक्य 2: जवानों की
प्रगति पर देश की प्रगति निर्भर है।
समानार्थी शब्द
1. पशुता = पशुत्व
- वाक्य 1: उचित शिक्षा
से मनुष्य की पशुता कम हो जाती है। - वाक्य 2: नाखून बढ़ाना
पशुत्व की निशानी है।
2.निर्लज्ज = बेहया
- वाक्य 1: कुछ लोग बहुत
निर्लज्ज होते हैं। - वाक्य 2: तुम बहुत
बेहया हो, न बुलाने पर भी बार-बार आ ही जाते हो।
3.जवान = युवा
- वाक्य 1: देश के जवान
शिक्षित होने चाहिए। - वाक्य 2: देश के युवा
निर्भर होने चाहिए।
4.विवश = बेबस
- वाक्य 1: प्रकृति के
कोप के आगे सब विवश हो जाते हैं। - वाक्य 2: बूढ़ा आदमी
बेबस नजर आ रहा है।
5.क्रोध = गुस्सा
- वाक्य 1: क्रोध सेहत के
लिए अच्छा नहीं होता। - वाक्य 2: बात-बात पर
गुस्सा करना अच्छी आदत नहीं है।
गाँव-शहर हिंदी पाठ 4 प्रश्न उत्तर | इयत्ता आठवी हिंदी गाँव-शहर संपूर्ण स्वाध्याय
.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;
background:#fff5f5;
border:2px dashed #c00000;
border-radius:8px;
color:#c00000;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}
@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}
वृक्ष
और पंछी के बीच का संवाद लिखो।
उत्तर:
वृक्ष: नमस्ते पंछी बेटा! आज बहुत दिनों बाद दिखाई दिए।
पंछी: नमस्ते वृक्ष अंकल! मैं तो ठीक हूँ, लेकिन अब आपके
आसपास पहले जैसी हरियाली नहीं रही।
वृक्ष: हाँ बेटा, मनुष्य लगातार पेड़ काट रहा है।
इसलिए मेरे कई साथी अब यहाँ नहीं हैं।
पंछी: यह सुनकर बहुत दुख हुआ। हमारे घोंसले भी तो इन्हीं
पेड़ों पर होते हैं।
वृक्ष: सही कहा। पेड़ कम होंगे तो तुम्हें रहने की जगह भी
नहीं मिलेगी और लोगों को शुद्ध हवा भी नहीं मिलेगी।
पंछी: मैं रोज़ देखता हूँ कि गर्मी भी पहले से बहुत बढ़ गई
है।
वृक्ष: पेड़ धरती को ठंडा रखते हैं, वर्षा लाने में
मदद करते हैं और सभी जीवों को जीवन देते हैं।
पंछी: अगर लोग हर साल अधिक से अधिक पेड़ लगाएँ और उनकी
देखभाल करें, तो प्रकृति फिर से हरी-भरी हो सकती है।
वृक्ष: बिल्कुल बेटा। पेड़ लगाना ही नहीं, उन्हें बचाना भी
उतना ही ज़रूरी है।
पंछी: मैं भी अपने सभी पक्षी मित्रों को यह संदेश दूँगा और
आशा करता हूँ कि मनुष्य भी समय रहते प्रकृति का महत्व समझेंगे।
वृक्ष: यही मेरी सबसे बड़ी इच्छा है। यदि पेड़ सुरक्षित
रहेंगे, तभी धरती पर जीवन सुरक्षित रहेगा।
Gaon Shahar Swadhyay | Gaon Shahar Class 8
.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;
background:#fff5f5;
border:2px dashed #c00000;
border-radius:8px;
color:#c00000;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}
@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}
उत्तर:
.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;
background:#fff5f5;
border:2px dashed #c00000;
border-radius:8px;
color:#c00000;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}
@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}
यातायात
के नियम, सांकेतिक चिह्न एवं हेल्मेट की आवश्यकता आदि के चार्टस बनाकर विद्यालय की
दीवारें सुशोभित करो।
उत्तर:












