खेती से आई तब्दीलियाँस्वाध्याय हिंदी आठवी | आठवी हिंदी
digest
*
सूचना के अनुसार कृतियाँ करो :-
(१)
प्रवाह तालिका पूर्ण करो :
(२) कारण लिखो :
अ. अनाज सुरक्षित रखना प्रारंभ हुआ
उत्तर: क्योंकि जमीन में बहुत सारा अनाज पैदा
होता था। इसे एकदम खाया नहीं जा सकता था।
ब. मनुष्य को रोज शिकार खेलना पड़ता
उत्तर: क्योंकि स्वयं का पेट भरने के लिए उसे
रोज शिकार खेलना पड़ता।
क. दुनिया में गरीब आदमी हैं
उत्तर: क्योंकि जो आज बिलकुल काम नहीं करता है; उसके पास बहुत सारा धन आ जाता है और जो दिन-रात पसीना बहाता है वह खाली
हाथ रहता है। इस बुरें इंतजाम के कारण दुनिया में गरीब आदमी है।
ड. लोग बैंक में रुपये रखते
उत्तर: क्योंकि
उनके पास अतिरिक्त रुपए होते हैं।
Kheti Se Aai Tabdiliya bhavarth | Kheti Se Aai Tabdiliya question answer pdf
(३)
उचित जानकारी लिखो :-
(४) कृति पूर्ण करो :
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(१)
शब्द समूह के लिए एक शब्द लिखो :
क.
जानवरों को चराने की जगह
उत्तर: चरागाह
ख.
जिनके पास बहुत से अतिरिक्त रुपये हैं
उत्तर: मालदार
(२)
वाक्य शुद्ध करके लिखो :
क.
बड़े दुखी लग रहे हो क्या हुआ
उत्तर: क. बड़े दुखी लग रहे हो। क्या हुआ?
ख. अरे
रामू के बापू घोड़े बेचकर सो रहे हो
उत्तर: ख. अरे! रामू के बापू, घोडा बेंच कर सो रहे हो।
ग.
तुम्हारे दाने कहा है
उत्तर: ग. तुम्हारे दाने कहाँ है?
खेती से आई तब्दीलियाँquestion answer pdf | खेती से आई तब्दीलियाँquestion answer
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‘तंबाकू सेवन के दुष्परिणाम‘ विषय पर लगभग
सौ शब्दों में निबंध लिखो।
उत्तर:
तंबाकू
सेवन के दुष्परिणाम
तंबाकू सेवन आज समाज की एक गंभीर समस्या बन चुका है। लोग
सिगरेट,
बीड़ी, गुटखा, खैनी और तंबाकू के अन्य रूपों का सेवन करते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। तंबाकू में
निकोटिन जैसे विषैले पदार्थ होते हैं, जो शरीर को धीरे-धीरे खोखला कर देते हैं।
तंबाकू सेवन से अनेक गंभीर बीमारियाँ होती हैं। इससे
फेफड़ों का कैंसर, मुँह का कैंसर, गले की बीमारी, हृदय रोग और साँस से संबंधित समस्याएँ उत्पन्न होती हैं। दाँत पीले पड़
जाते हैं,
मुँह से दुर्गंध आती है और पाचन शक्ति भी कमजोर हो जाती
है। लंबे समय तक तंबाकू का सेवन करने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो
जाती है।
तंबाकू सेवन का मानसिक और सामाजिक जीवन पर भी बुरा
प्रभाव पड़ता है। इसकी लत लग जाने से व्यक्ति चिड़चिड़ा हो जाता है और धीरे-धीरे
आर्थिक रूप से भी कमजोर होने लगता है। परिवार के सदस्यों पर इसका गलत प्रभाव पड़ता
है और बच्चों पर बुरा उदाहरण प्रस्तुत होता है।
सरकार ने तंबाकू सेवन को रोकने के लिए कई नियम बनाए हैं, फिर भी लोगों में जागरूकता की कमी है। हमें स्वयं संकल्प
लेना चाहिए कि न तंबाकू का सेवन करेंगे और न ही दूसरों को करने देंगे। स्वस्थ जीवन
के लिए तंबाकू से दूर रहना बहुत आवश्यक है।
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प्रस्तुत पत्र जवाहरलाल नेहरु जी ने अपनी इंदिरा को लिखा
जवाहरलाल नेहरु जी ने पत्र में खेती के विषय में चर्चा की है। आदिम अवस्था से आगे
बढ़कर खेती के माध्यम से हुए माननीय सभ्यता के क्रमिक विकास को बताया गया है।
नेहरू जी ने अमीरी गरीबी के मानदंड एवं बजट प्रणाली को सुंदर ढंग से समझाया है।
नेहरू जी खेती में आई तब्दीलियों से खुश हैं। बैंकों के खुलने से, खेतों में
आदमियों के काम करने आदि से वह प्रसन्न है। जिसे उन्होंने सुंदर ढंग से पत्र में
प्रस्तुत किया है।
खेती से आई तब्दीलियाँकविता का भावार्थ pdf
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स्वयं अध्ययन
पारंपरिक
तथा आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकी का तुलनात्मक चार्ट बनाओ।
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परंपरिक |
आधुनिक |
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1 इसमें खेती |
1 आज खेती एक |
|
2 लोग खेत में हल |
2 आज सारी खेती |
|
3 लोग सिर्फ गोबर |
3 आज कृषि में |
|
4 एक खेत में कई |
4 आज सिर्फ एक |
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कृषि
क्षेत्र में किए गए नये-नये प्रयोगों से होने वाले लाभ लिखो।
उत्तर:
कृषि क्षेत्र में किए गए नये-नये प्रयोगों से होने वाले लाभ
1. उत्पादन में वृद्धि – उन्नत बीज, ड्रिप
सिंचाई और आधुनिक तकनीकों से फसल का उत्पादन बढ़ता है।
2. कम लागत में अधिक लाभ – नये प्रयोगों से पानी, खाद और श्रम की बचत होती है, जिससे लागत कम होती है।
3. समय की बचत – मशीनीकरण और आधुनिक उपकरणों से खेती
का काम जल्दी पूरा होता है।
4. मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार – जैविक खेती और फसल चक्र से मिट्टी
की उर्वरता बनी रहती है।
5. किसानों की आय में वृद्धि – अधिक और बेहतर गुणवत्ता की फसल
मिलने से किसानों की आय बढ़ती है।
6. जल संरक्षण – सूक्ष्म सिंचाई जैसी तकनीकों से
पानी का सही उपयोग होता है।
7. पर्यावरण संरक्षण – रासायनिक खाद और कीटनाशकों के सीमित
उपयोग से पर्यावरण सुरक्षित रहता है।
8. रोजगार के अवसर – कृषि से जुड़े नये प्रयोगों से
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
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रेडियो/दूरदर्शन
पर जैविक खेती के बारे में जानकारी सुनो और सुनाओ।
उत्तर:
रेडियो/दूरदर्शन
पर सुनी गई जानकारी — जैविक खेती
आज मैंने रेडियो/दूरदर्शन पर जैविक खेती के बारे में एक जानकारीपूर्ण कार्यक्रम सुना। इस कार्यक्रम में बताया गया
कि जैविक खेती वह पद्धति है, जिसमें खेती
के लिए रासायनिक खाद, कीटनाशक और
खरपतवार नाशक का उपयोग नहीं किया जाता। इसके स्थान पर गोबर की खाद, कंपोस्ट खाद, हरी खाद, जीवामृत और प्राकृतिक कीटनाशकों
का प्रयोग किया जाता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जैविक खेती से मिट्टी
की उर्वरता बनी रहती है और भूमि लंबे समय तक उपजाऊ रहती है। इससे पर्यावरण प्रदूषण
कम होता है और जल तथा वायु भी स्वच्छ रहते हैं। जैविक फसलों में पोषक तत्व अधिक
होते हैं,
इसलिए ये हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती हैं।
वक्ताओं ने कहा कि जैविक खेती से किसानों की लागत कम
होती है और फसलों का बाजार मूल्य अधिक मिलता है। इससे किसानों की आय बढ़ती है। साथ
ही उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित भोजन मिलता है।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि हमें जैविक
खेती को अपनाकर प्रकृति और स्वास्थ्य दोनों की रक्षा करनी चाहिए। यह जानकारी मेरे
लिए बहुत उपयोगी और प्रेरणादायक रही।
Kheti Se Aai Tabdiliya bhavarth | Kheti Se Aai Tabdiliya question answer pdf
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‘जय जवान, जय किसान‘ नारे पर अपने
विचार कक्षा में प्रस्तुत करो।
उत्तर:
‘जय जवान, जय किसान’ —
मेरे विचार
‘जय जवान, जय किसान’ यह नारा हमारे देश का एक बहुत ही प्रेरणादायक नारा है। यह नारा
हमें बताता है कि देश की सुरक्षा और समृद्धि दो स्तंभों पर टिकी है—जवान और किसान।
जवान देश की सीमाओं की रक्षा करता है, जबकि किसान देश के लोगों का पेट भरता है।
जवान कठिन परिस्थितियों में भी देश की रक्षा के लिए अपना
जीवन दाँव पर लगा देता है। वह दिन-रात सीमा पर खड़ा रहकर हमें सुरक्षित रखता है।
दूसरी ओर किसान खेतों में मेहनत करके अन्न उपजाता है। धूप, बारिश और ठंड की परवाह किए बिना वह काम करता है, ताकि हमें भोजन मिल सके।
इस नारे से हमें यह भी सीख मिलती है कि जवान और किसान
दोनों ही देश के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। अगर जवान न हो, तो देश सुरक्षित नहीं रहेगा और अगर किसान न हो, तो देश भूखा रह जाएगा। इसलिए हमें दोनों का सम्मान करना
चाहिए।
अंत में मैं यही कहना चाहूँगा कि ‘जय जवान, जय किसान’ नारा हमें देशप्रेम, त्याग और परिश्रम की प्रेरणा देता है। हमें अपने जीवन
में इन मूल्यों को अपनाना चाहिए और देश के विकास में योगदान देना चाहिए।
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वन
महोत्सव जैसे प्रसंग की कल्पना करते समय विशेष उद्धरणों, वाक्यों का
प्रयोग करके आठ से दस वाक्य लिखो।
खेती से आई तब्दीलियाँस्वाध्याय | खेती से आई तब्दीलियाँस्वाध्याय हिंदी
उत्तर:
वन महोत्सव एक ऐसा महोत्सव है जिसमें व्यक्ति अपने
प्रकृति के बीच संबंध को ज्यादा गहराई से समझता है। वन महोत्सव इंसानों के लिए
किसी भी अन्य उत्सवो से सबसे बढ़कर होना चाहिए क्योंकि इसका मुख्य कारण है जीवन
में वनों का महत्व। यदि वन ही नहीं होंगे तो धरती पर किसी भी प्रकार का विकास संभव
ही नहीं है। आज के समय में मनुष्य अपने स्वार्थ में अंधाधुंध वनों की कटाई कर
विकास की राह बनाता है परंतु वनों की कटाई विकास का नहीं क्षति का मार्ग है। वह
भूल जाता है कि वन ही नहीं होंगे तो उससे प्राणवायु कहाँ से मिलेगी। खाना, कपड़ा, ईंधन आदि कहाँ
से प्राप्त होंगे। अतः वन महोत्सव की शुरुआत करके हमें एक मौका मिला है कि हम वनों
के संरक्षण हेतु अपनी भागीदारी निभाएं।
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बालवीर
पुरस्कार प्राप्त बच्चों की कहानियाँ पढ़ो।
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