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4. सौहार्द-सौमनस्य प्रश्न उत्तर | Souhard-soumanasya Question Answer 8vi hindi

October 15, 2026 10:39 PM
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सौहार्द-सौमनस्य  स्वाध्याय हिंदी आठवी | आठवी हिंदी digest

सौहार्द-सौमनस्य  digest pdf  सौहार्द-सौमनस्य  question answer pdf

Souhard-soumanasya question answer | सौहार्द-सौमनस्य  question answer

*
सूचना के अनुसार कृतियाँ करो :


(१)
कृति पूर्ण करो :

उत्तर:

सौहार्द-सौमनस्य  स्वाध्याय  pdf  Souhard-soumanasya swadhyay   Souhard-soumanasya question answer pdf

(२)
कविता में इस अर्थ में प्रयुक्त शब्द लिखो :

१.
दीपक =

२.
पुष्प =

३.
तिरस्कार =

४.
प्रेम =

उत्तर:

१.
दीपक = दीप

२.
पुष्प = फूल

३.
तिरस्कार = नफरत

४.
प्रेम = प्यार

 

(३)
कविता में प्रयुक्त विलोम शब्दों की जोड़ियाँ लिखो।

उत्तर:

1. छोटा x बड़ा

2. एक x अनेक

3. नकद x उधार

4. प्यार x नफरत

5. सिर x पैर

6. टूट x जोड़


Souhard-soumanasya swadhyay | Souhard-soumanasya question answer pdf

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भाषा बिंदु

पाठों
में आए अव्ययों को पहचानो और उनके भेद बताकर उनका अलग-अलग वाक्यों में प्रयोग करो।

उत्तर:


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अव्यय शब्द अव्यय का नाम वाक्य प्रयोग
आज क्रियाविशेषण अव्यय आज रविवार है।
अरे! विस्मयादिबोधक अव्यय अरे! तुम इधर आ जाओ।
अचानक क्रियाविशेषण अव्यय अचानक बारिश शुरू हुई।
तुरंत क्रियाविशेषण अव्यय तुम तुरंत चले आओ।
परंतु समुच्चयबोधक अव्यय मैंने उसे बहुत समझाया परंतु वह नहीं माना।
बल्कि समुच्चयबोधक अव्यय मुझे चाय नहीं, बल्कि बिस्कुट भी चाहिए।
और समुच्चयबोधक अव्यय राम और गीता स्कूल जाते हैं।
इसलिए समुच्चयबोधक अव्यय बारिश शुरू हुई इसलिए मैं छाता लेकर चल पड़ा।
के लिए संबंधसूचक अव्यय मैं उसके लिए नई साइकिल खरीदकर लाया।
की ओर संबंधसूचक अव्यय मैंने तुरंत राम की ओर देखा।
के साथ संबंधसूचक अव्यय मैं उसके साथ खेलता हूँ।
के ऊपर संबंधसूचक अव्यय उसके ऊपर एक छत है।
आह! विस्मयादिबोधक अव्यय आह! मुझे दर्द हो रहा है।

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उपयोजित लेखन

शालेय
बैंड पथक के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने हेतु अपने विद्यालय के प्राचार्य से विद्यार्थी
प्रतिनिधि के नाते अनुमति माँगते हुए निम्न प्रारूप में पत्र लिखो:

Souhard-soumanasya question answer pdf

 उत्तर:

दिनांक: 25/02/2022

प्रति

प्राचार्य,

कालिका प्रसाद विद्यालय,

पुणे, मुंबई।

विषय : शालेय बैंड पथक की सामाग्री खरीदने हेतु अनुमति प्राप्त करने हेतु पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं प्रार्थी राज शर्मा, आपके विध्यालय के कक्षा 8 ब का छात्र हूँ, और मैं ही अपनी कक्षा के विध्यार्थियों का प्रतिनिधित्व कर रहा। अपनी कक्षा का प्रतिनिधित्व करते हुये मै आपको अवगत करवाना चाहता हूँ कि हमारे विध्यालय के शालेय बैंड पथक में आवश्यक समग्रियों की कमी है जिसके चलते छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अतः आप से निवेदन है कि आप जल्द से जल्द सामाग्री खरीदने की अनुमति प्रदान करें।

              धन्यवाद!

 

आपका आज्ञाकारी शिष्य

राज शर्मा (कक्षा 8, अ)

 

Souhard-soumanasya | Souhard-soumanasya question answer pdf

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मैने समझा

हमें सदैव मिल जुल कर रहना चाहिए। अनेकता में एकता ही
अपने देश की शान है। बड़ा छोटा कुछ नहीं होता सब बराबर है। धर्म अलग हो
, भाषा अलग हो
पर हम सब एक हैं। बगिया में चाहे कितनी ही प्रकार के फूल हो पर वह बगिया
हिंदुस्तान की है और हिंदुस्तान एक है।

 

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स्वयं अध्ययन

नफरत से नफरत बढ़ती है और स्नेह से स्नेह बढ़ता है‘, इस तथ्य से
संबंधित अपने विचार लिखो।

उत्तर:

उत्तर-प्रेम जीवन का मूल है इसलिए हमें प्रेम को ही
बढ़ावा देना चाहिए। प्रेम व स्नेह में एक सम्मान की भावना छुपी होती है यदि हर कोई
स्नेह से एक साथ मिलजुल कर रहे तो कभी भी किसी में कोई मत भेद नहीं होगा। चारो और
खुशहाली होगी और एक दूसरे में यह स्नेह दिनोंदिन बढ़ता ही जायेगा। लेकिन यदि हम
नफरत का पोषण करेंगें तो हम नफरत ही पायेंगे। और चारों तरफ नफरत और घृणा का
वातावरण हमें नजर आयेगा। वास्तव में नफरत को प्यार से खत्म किया जा सकता है लेकिन नफरत
से प्यार नही होता है। नफरत से नफरत ही पैदा होती है। और प्यार (स्नेह) से प्यार
बढ़ता है। इसलिए हमें प्यार व स्नेह को ही बढ़ावा देना चाहिए।

सौहार्द-सौमनस्य  स्वाध्याय | सौहार्द-सौमनस्य  स्वाध्याय हिंदी


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कल्पना पल्लवन

‘भारत की विविधता में
एकता है
‘, इसे स्पष्ट करो।

उत्तर:

‘भारत की विविधता में
एकता है’

भारत
एक विशाल देश है
, जहाँ अनेक भाषाएँ, धर्म, जातियाँ, वेश-भूषाएँ,
खान-पान और परंपराएँ पाई जाती हैं। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से
पश्चिम तक लोगों की जीवन-शैली में भिन्नता दिखाई देती है। इसी भिन्नता को हम विविधता
कहते हैं। इसके बावजूद भारत एक सशक्त राष्ट्र है
, क्योंकि
यहाँ एकता की भावना सभी को जोड़कर रखती है।

भारत
में हिंदी
, मराठी, तमिल, बंगाली, गुजराती जैसी अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं।
लोग अलग-अलग धर्मों—हिंदू
, मुस्लिम, सिख,
ईसाई, बौद्ध आदि—को मानते हैं। त्योहार भी
अलग-अलग होते हैं
, जैसे दीवाली, ईद,
क्रिसमस, गुरुपर्व। फिर भी सभी एक-दूसरे के
त्योहारों का सम्मान करते हैं और मिल-जुलकर मनाते हैं।

भारत
की एकता का सबसे बड़ा आधार उसका संविधान है
, जो सभी नागरिकों को
समान अधिकार देता है। राष्ट्रीय ध्वज
, राष्ट्रीय गान और
राष्ट्रीय प्रतीक सभी भारतीयों को एक सूत्र में बाँधते हैं। संकट के समय
, चाहे प्राकृतिक आपदा हो या देश की रक्षा का प्रश्न, सभी
भारतीय एकजुट होकर देश के साथ खड़े रहते हैं।

इस
प्रकार
,
भले ही भारत में अनेकता दिखाई देती हो, लेकिन
आपसी प्रेम
, सहयोग और राष्ट्रीय भावना हमें एक बनाती है।
इसलिए यह सत्य कहा गया है कि भारत की विविधता में ही उसकी एकता निहित है।

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