कक्षा 9 हिंदी पाठ 4 ‘किताबें’ स्वाध्याय प्रश्न उत्तर | Class 9 Hindi Kitabe Solutions
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निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर पुस्तकों से संबंधित चर्चा के आयोजन में
सहभागी होकर लिखिए :-
कृति के लिए आवश्यक सोपान :
· पाठ्येतर पुस्तकें।
· पुस्तकों का संकलन।
· पुस्तकों की देखभाल।
· विचार मंथन – विचार, वाक्य, सुवचन।
उत्तर:
- पाठ्यपुस्तक के अलावा जो किताबें होती है, उन्हें पाठ्येतर किताबें कहा जाता है।
- नये-नये किताबों का संकलन करना मेरा शौक है। इसलिए मेरे जन्म दिन पर सभी मुझे किताबें ही भेट करते है।
- मेरे पास ज्यादातर ऐतिहासिक, वैज्ञानिक, रहस्यमय तथा आत्मचरित्रपर किताबें है।
- किताबों का संकलन करना जितना आसान है उतना ही मुश्किल है किताबों की देखभाल करना।
- जो लोग ‘बुकशेल्फ‘ या ‘अल्मारी‘ में किताबें रखते हैं तो उसका रख रखाव एवं देखभाल ठीक ढंग से नहीं कर पाते।
- नतीजा कुछ दिनों बाद किताबें या तो गल जाती हैं, चूहों द्वारा कुतर दी जाती हैं या फिर दीमकों द्वारा चट्ट कर दी जाती हैं।
- यदि हम घर में रखी पुस्तकों, पत्रिकाओं आदि को उचित ढंग से देखभाल करते रहें तो उन्हें आजीवन सुरक्षित रखा जा सकता है।
- अत्यधिक सीलन के मौसम में, कपड़े की जिल्द वाली पुस्तकों तथा चमड़े की जिल्द वाली पुस्तकों को प्रतिदिन मुलायम कपड़े से पोछना चाहिए।
- कुछ रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल करके किताबों को मकड़ी, झिंगुर, दिमक तथा चुहों से बचा सकते है।
- पुस्तक हमसे कभी भी झूठ नहीं बोलते। पुस्तक ही हमारा सबसे अच्छा और सबसे सच्चा दोस्त है।
- पुस्तक हमारा मार्गदर्शक तथा गुरु होता है। ज्ञान के साथ ही पुस्तक हमें जीने की राह दिखाता है।
९ वी हिंदी स्वाध्याय प्रश्न उत्तर pdf download
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सुप्रसिद्ध कवि गुलजार की अन्य किसीकविता का मौन वाचन करते हुए आनंदपूर्वक रसास्वादन कीजिए तथा निम्न मुद्दों के आधार पर केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए।
विषय
उद्देश्य
भाव
उत्तर:
हम को मन की शक्ति देना, मन विजय करें
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें
हम को मन की शक्ति देना।
भेदभाव अपने दिल से साफ़ कर सकें
दोस्तों से भूल हो तो माफ़ कर सकें
झूठ से बचे रहें, सच का दम भरें
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें
हम को मन की शक्ति देना।
मुश्किलें पड़े तो हम पे इतना कर्म कर
साथ दे तो धर्म का चले तो धर्म पर
खुद पे हौसला रहे, बदी से ना डरे
दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करे।
कविता का केंद्रीय भाव :
इस कविता का मूल संदेश है अपने मन को शक्तिशाली बनाना और उस पर विजय प्राप्त करना। इसका उद्देश्य है कि हम दूसरों पर विजय प्राप्त करने से पहले खुद पर विजय प्राप्त करें अर्थात अपने अंदर की सारी बुराइयों को दूर करें। इससे यह भाव स्पष्ट होता है कि ईश्वर हमारे मन को इतनी शक्ति दे कि हम अपने मन की बुराइयों पर विजय प्राप्त कर सकें। बिना भेदभाव किए अपने मित्रों के भूल को माफ कर सकें। झूठ से बचें और सत्य का हमेशा साथ दें। मुश्किलें आने पर भी धर्म का साथ न छोड़े। खुद का हौसला बढ़ाएँ तथा बुरे लोगों से कभी न डरें।
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पाठ्यपुस्तक की किसी एक कविता का मुखर एवं मौन वाचन कीजिए।
उत्तर:
इस कृति विद्यार्थी स्वयं करे
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सफदर हाश्मी रचित ‘किताबें कुछ कहना चाहती हैं‘ कविता सुनिए।
उत्तर:
किताबें करती हैं
बातें बीते ज़मानों की
दुनिया की इंसानों की
आज की कल की
एक एक पल की
खुशियों की ग़मों की
फूलों की बमों की
जीत की हार की
प्यार की मार की
क्या तुम नहीं सुनोगे
इन किताबों की बातें
किताबें कुछ कहना चाहती हैं।
तुम्हारे पास रहना चाहती हैं।।
किताबों में चिड़िया चहचहाती हैं
किताबों में खेतियां लहलहाती हैं
किताबों में झरने गुनगुनाते हैं।
परियों के किस्से सुनाते हैं।
किताबों में राकेट का राज़ है
किताबों में साइंस की आवाज़ है।
किताबों में कितना बड़ा संसार है
किताबों में ज्ञान की भरमार है।
क्या तुम इस संसार में
नहीं जाना चाहोगे
किताबें कुछ कहना चाहती हैं।
तुम्हारे पास रहना चाहती हैं।
9th class hindi chapter 4 Kitabe question answer | std 9 hindi Kitabe question answer
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‘पुस्तकांचे गाव- भिलार‘ संबंधी जानकारी समाचार पत्र/अंतरजाल आदि से प्राप्त कीजिए और उसे देखने का नियोजन कीजिए।
उत्तर:
पुस्तकांचे गाव – ‘भिलार‘ संबंधी जानकारी महाराष्ट्र में सतारा जिले का भिलार गाँव देश का पहला पुस्तक गाँव बन गया है। इसका उद्धाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने किया है। इसे मराठी में ‘पुस्तकांचं गाव‘ नाम दिया गया है।
पुस्तकांचं गाव परियोजना ब्रिटेन के वेल्स शहर के हे-ऑन-वे से प्रभावित है। हे-ऑन-वे की ही तर्ज पर भिलार गाँव में करीब १५ हजार पुस्तकें उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। सातारा जिले का ये गाँव महाबलेश्वर हिलस्टेशन के पास सुंदर पंचगनी पहाड़ी क्षेत्र के प्राकृतिक वातावरण में स्थित है।
इस गाँव में पुस्तकें पढ़ने के लिए 25 स्थान चुने गए हैं, जहाँ साहित्य, कविता, धर्म, महिला, बच्चों, इतिहास, पर्यावरण, लोक साहित्य, जीवन और आत्मकथाओं की किताबें उपलब्ध है।
Kitabe 9th class hindi question answer | Kitabe 9th class hindi workbook answers
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‘ग्रंथ हमारे गुरु‘ चर्चा कीजिए तथा अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
आज के डिजिटल युग में, जहाँ हम मोबाइल, सोशल मीडिया और इंटरनेट से घिरे हुए हैं, किताबें पढ़ने की आदत थोड़ी कम हो गई है। लेकिन मेरा मानना है कि इंटरनेट और गूगल हमें केवल ‘सूचना‘ (Information) देते हैं, जबकि अच्छे ग्रंथ हमें ‘ज्ञान और संस्कार‘ देते हैं।
कक्षा 9 में आते-आते हमारी पढ़ाई और सोचने का दायरा बहुत बढ़ जाता है। इस उम्र में हमारे मन में कई सवाल होते हैं और हमें सही दिशा की बहुत ज़रूरत होती है। ऐसे में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की ‘अग्नि की उड़ान‘ (Wings of Fire) जैसी प्रेरणादायक पुस्तकें हमारे चरित्र निर्माण में एक महान गुरु की भूमिका निभाती हैं। वे हमें सिखाती हैं कि बड़े सपने कैसे देखे जाते हैं और उन्हें पूरा कैसे किया जाता है।
महान वैज्ञानिक डॉ. कलाम ने कहा था— “एक अच्छी पुस्तक सौ अच्छे मित्रों के बराबर होती है।”
इसलिए, हमें सिर्फ परीक्षा पास करने के लिए स्कूल की किताबें ही नहीं पढ़नी चाहिए, बल्कि अन्य अच्छे ग्रंथों और साहित्य को भी अपना गुरु मानना चाहिए। जिस तरह हम अपने स्कूल के शिक्षकों का सम्मान करते हैं, उसी तरह हमें किताबों का भी सम्मान करना चाहिए और रोज़ उनसे कुछ नया सीखने की आदत डालनी चाहिए। सच्चे अर्थों में, ग्रंथ ही हमारे जीवन भर के गुरु हैं।
9th class hindi Kitabe | Kitabe poem bhavarth
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(क) पाठ के आधार पर वाक्य पूर्ण कीजिए :
१. किताबों की अब बनी आदत
उत्तर:
१. किताबों की अब बनी आदत नींद में चलने की।
२. किताबें जो रिश्ते सुनाती थीं
उत्तर:
२. किताबें जो रिश्ते सुनाती थीं जिनके ‘सेल‘ कभी मरते नहीं थे।
(१) सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए :-
ग) आकृति :
उत्तर:
(ख) लिखिए
उत्तर:
(२) प्रथम पाँच पंक्तियों का भावार्थ लिखिए।
किताबें झाँकती हैं बंद अलमारी के शीशों से,
बड़ी हसरत से तकती हैं।
महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं,
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर….
उत्तर:
कवि कंप्यूटर के युग में किताबों की पहले जैसी उपयोगिता न रह जाने पर अपनी तीव्र मानसिक पीड़ा का चित्रण करते हुए कहते हैं कि आजकल किताबें अलमारियों में रखने भर की चीज हो गई है। (अब उन्हें अलमारी से निकालने
की जरूरत ही नहीं पड़ती।) बंद अलमारी की ओर देखने पर ऐसा लगता है, जैसे किताबें अलमारी के शीशों से कवि की ओर झाँक रही हों। वे कामना करती हैं कि उन्हें बाहर निकाल कर कोई पढ़े। कवि कहते हैं कि अब तो महीनों गुजर जाते हैं, उन किताबों से मिलना ही नहीं होता। एक समय ऐसा था, जब उनकी शाम इन किताबों को पढ़ने में लगा करती थी, पर अब अकसर.
४. किताबें स्वाध्याय | किताबें के प्रश्न उत्तर
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अपने तहसील/जिले के शासकीय ग्रंथालय संबंधी जानकारी निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर प्राप्त कीजिए :-
स्थापना-तिथि/वर्ष, संस्थापक का नाम, पुस्तकों की संख्या, विषयों के अनुसार वर्गीकरण
उत्तर:
- स्थापना दिनांक: १२/०७/२०२१
- संस्थापक का नाम: मनोजकुमार शर्मा
- पुस्तकों की संख्या: ५०००
विषयों के अनुसार वर्गीकरण:
|
ऐतिहासिक |
आत्मकथा |
आध्यात्मिक |
|
भौगोलिक |
चरित्रकथा |
मासिक |
|
वैज्ञानिक |
बालकथा |
काव्य |
Kitabe class 9 question answer | 9th class hindi Kitabe
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शब्द-युग्म पूरे करते हुए वाक्यों में प्रयोग कीजिए :-
घर –
उधड़े –
भला –
प्रचार –
भूख –
भोला-
उत्तर:
· घर — घर-घर
o वाक्य: महात्मा गांधी को घर-घर में जाना जाता है।
· उधड़े — उधड़े-उधड़े
oवाक्य: उस आदमी के रिश्ते उधड़े-उधड़े से है।
·भला — भला-बुरा
o वाक्य: भला-बुरा जैसा भी हो, भाई भाई होता है।
· प्रचार — प्रचार-प्रसार
o वाक्य: आज का जमाना प्रचार-प्रसार का है।
· भूख — भूख-प्यास
o वाक्य: खेलते वक्त मेरे मन में भूख-प्यास का खयाल भी नही आता।
· भोला — भोला-भाला
o वाक्य: हर इक मां को उसका बेटा भोला-भाला दिखता है।
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उत्तर:
** माझा अभ्यास **










