चाँदनी रात कविता के प्रश्न उत्तर | chandni raat class 9 question answer
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आपके परिवेश के किसी सुंदर प्राकृतिक स्थल का वर्णन निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर कीजिए :-
कृति के लिए आवश्यक सोपान :
• सुंदर प्राकृतिक स्थल का नाम तथा विशेषताएँ बताने के लिए कहें।
• वहाँ तककी दूरी तथा परिवहन सुविधाएँ पूछें।
• निवास-भोजन आदि की व्यवस्था के बारे में चर्चा करें।
• प्राकृतिक संपत्तियों पर आधारित उद्योगों के नामों की सूची बनवाएँ।
उत्तर:
येलदरी धरण
येलदरी धरण पूर्णा नदी पर बना मराठवाड़ा क्षेत्र का दूसरा सबसे बड़ा, मिट्टी और पत्थर से बना बांध है, जिसे १९५८ और १९६८ के बीच बनाया गया था। यह सिद्धेश्वर धरण (सिद्धेश्वर बांध) से निकलने वाले नहर के माध्यम से १०५६० हेक्टेयर भूमि को सिंचित करता है और बिजली उत्पादन, पेयजल आपूर्ति तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण है।
परभणी जिले से लगभग ५२ किलोमीटर स्थित येलदरी में आप बस या किसी भी वाहन से जा सकते हों। जिंतूर से यह ठिकान लगभग १२ किलोमीटर है। जिंतूर में रहने के लिए आपको कई सारे होटल मिल जाएंगे। येलदरी की मच्छी बहुत प्रसिद्ध है। लोग इन्हें खाने के लिए दूर-दूर से आते हैं।
1 chandni raat question answer | std 9 hindi chapter 1 chandni raat question answer
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‘पुलक प्रगट करती है धरती हरित तृणों की नोकों से,’ इस पंक्ति का कल्पना विस्तार कीजिए।
उत्तर:
प्रत्येक प्राणी के जीवन में खुशी के क्षण आते हैं। हर व्यक्ति अपनी खुशी का अपने ढंग से प्रदर्शन करता है। मनुष्य की भाँति ही प्रकृति भी अपनी खुशी का इजहार करती है। यह खुशी हमें पेड़-पौधों के फूलों, फलों और नव-पल्लवों के रूप में देखने को मिलती है। धरती अपनी खुशी धरातल पर दूर-दूर तक फैले हुए घास के मैदानों और उनमें उगी हुई घास की हरी-हरी पत्तियों की नोकों से प्रदर्शित करती है, जिन पर पड़ी हुई ओस की बूँदें मोती जैसी दिखाई देती हैं।
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संचार माध्यमों से ‘राष्ट्रीय एकता‘ पर आधारित किसी समारोह की जानकारी पढ़िए।
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अपने घर-परिवार के बड़े सदस्यों से लोककथाओं को सुनकर कक्षा में सुनाइए।
उत्तर:
पुराने समय की बात है, एक गाँव में एक बहुत ही चतुर वृद्ध व्यक्ति रहते थे। उनके पास धन-दौलत तो कम थी, लेकिन अनुभवों का खजाना बहुत बड़ा था। एक बार उस राज्य के राजा ने घोषणा की कि जो कोई भी उनके कठिन सवाल का जवाब देगा, उसे सोने की सौ मुहरें दी जाएंगी।
राजा ने एक खाली घड़ा सभा के बीच में रखा और कहा— “इस घड़े को बिना कुछ डाले और बिना इसे तोड़े पूरा भरना है, पर शर्त यह है कि घड़ा किसी ठोस चीज़ से नहीं भरा होना चाहिए।”
गाँव के बड़े-बड़े विद्वान परेशान हो गए। किसी को समझ नहीं आ रहा था कि खाली घड़े को बिना कुछ डाले कैसे भरा जाए?
जब यह बात उस वृद्ध व्यक्ति तक पहुँची, तो उन्होंने राजा से एक महीने का समय माँगा। उन्होंने घड़े को अपने घर के आँगन में ले जाकर रख दिया।
अगले एक महीने तक उन्होंने क्या किया? उन्होंने उस घड़े के मुँह पर एक बढ़ती हुई कद्दू की बेल का छोटा सा फूल डाल दिया। धीरे-धीरे वह कद्दू घड़े के अंदर ही बड़ा होने लगा। एक महीने बाद, कद्दू ने घड़े का पूरा आकार ले लिया और घड़ा अंदर से पूरी तरह भर गया।
वृद्ध व्यक्ति घड़ा लेकर दरबार पहुँचे। उन्होंने बेल को घड़े के मुँह से काट दिया था। उन्होंने राजा से कहा— “महाराज, यह रहा ‘बुद्धि का फल‘। अब आप इस फल को बिना घड़ा तोड़े बाहर निकाल कर दिखाएँ।”
राजा हैरान रह गए! घड़े के अंदर कद्दू इस तरह फँसा था कि उसे बिना घड़ा तोड़े निकालना नामुमकिन था। राजा वृद्ध की बुद्धिमानी देखकर बहुत प्रसन्न हुए और उन्हें उचित पुरस्कार दिया।
इस कथा से शिक्षा
“संसार में ऐसी कोई समस्या नहीं है जिसका समाधान बुद्धि और धैर्य से न निकाला जा सके। मुश्किल से मुश्किल काम भी सूझबूझ से आसान हो जाता है।”
9th class hindi chapter 1 chandni raat question answer | std 9 hindi chandni raat question answer
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‘प्रकृति मनुष्य की मित्र है‘, स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
आदिकाल से ही मनुष्य और प्रकृति का घनिष्ठ संबंध रहा है। मनुष्य का जीवन प्रकृति पर ही आधारित है। मनुष्य को जीवनावश्यक सारी वस्तुएँ प्रकृति से ही मिलती हैं। मनुष्य के लिए वर्षा का बहुत महत्त्व है। वर्षा से ही खेती होती है और अन्न का उत्पादन होता है। वर्षा से ही पेय जल उपलब्ध होता है। वर्षा का होना या न होना पेड़-पौधों और वनस्पतियों पर आधारित होता है। पेड़-पौधे मनुष्य को जीवित रहने के लिए ऑक्सीजन उपलब्ध कराते हैं। इस तरह प्रकृति मनुष्य की सदा मित्र रही है।
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(क) संजाल :
(१) सूचनानुसार कृतियाँ कीजिए :-
उत्तर:
तारों के उदित और अस्त होने के बारे में कल्पना:
· पृथ्वी द्वारा मोती छितराया जाना
·मोतियों से संध्या का रूप छलकना
· सूर्य का संध्या को मोतियाँ देना
· सूर्य द्वारा मोतियों का बटोर लिया जाना
चाँदनी रात कविता के प्रश्न उत्तर | chandni raat class 9 question answer
(ख) चाँदनी रात की विशेषताएँ :
उत्तर:
चाँदनी रात की विशेषताएँ :
प्रकृति के विभिन्न रूप:
1.किरणों का खेलना
2.स्वच्छ चाँदनी
3.हरी घास का लहराना
4.मंद पवन चलना
5. स्वच्छंद-सुमंद गंध
6.हर्षित दिशाएँ
7. मोती बिखराना
8.पेड़-पौधे का झूमना
(२) निम्नलिखित पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए :
(च) चारु चंद्र…………………. झोंकों से।
उत्तर:
चाँदनी रात में आकाश में सुंदर चंद्रमा शोभायमान है। उसकी चंचल किरणें झिलमिल-झिलमिल करती हुई अठखेलियाँ कर रही हैं। ऐसा लगता है, जैसे वे जल और जमीन के साथ खेल रही हों। चंद्रमा का निर्मल प्रकाश पृथ्वी पर और समूचे नभ मंडल में फैला हुआ है और वह उन्हें प्रकाशित कर रहा है। इस अवसर पर पृथ्वी अत्यंत प्रसन्न है। वह अपनी यह प्रसन्नता पृथ्वी पर उगी हुई हरी-हरी घास की नोकों से प्रकट कर रही है। मंद-मंद हवा के झोंकों से पेड़-पौधे भी झूम रहे हैं और ऐसा लगता है, जैसे वे भी अपनी खुशी प्रकट कर रहे हैं।
(छ) क्या ही स्वच्छ …………………… शांत और चुपचाप।
उत्तर:
कवि चंद्रमा के स्वच्छ प्रकाश में निखरी हुई रात का वर्णन करते हुए कहते हैं कि यह चाँदनी गजब की निर्मल है। और यह रात कितनी शांत है। कहीं किसी ओर कोई स्वर नहीं है। सर्वत्र मुक्त रूप से मंद-मंद ‘सुगंध‘ व्याप्त है। कोई भी दिशा ऐसी नहीं है, जिस ओर आनंद का माहौल न हो। अर्थात सर्वत्र आनंद ही आनंद है। कवि कहते हैं कि कोई भी गतिविधि बंद नहीं है। रात्रि रूपी नटी के सारे कार्य-कलाप अब भी पहले जैसे चल रहे हैं। विशेषता यह है कि सब कुछ बहुत ही शांत ढंग से और एकांत भाव से चुपचाप हो रहा है। कहीं कोई कोलाहल नहीं है।
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शरद पूर्णिमा त्योहार के बारे में चर्चा कीजिए।
उत्तर:
शरद पूर्णिमा त्योहार:
शारदीय नवरात्र के बाद पड़ने वाली पूर्णिमा को ‘शरद पूर्णिमा‘ कहा जाता है। मान्यता है कि आश्विन शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली पूर्णिमा के दिन चंद्रमा से अमृत वर्षा होती है। इस दिन रात में खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे रखकर सुबह उसका सेवन करने से सभी रोग दूर हो जाते हैं। शरद पूर्णिमा के दिन सायंकाल लक्ष्मी पूजन होता है।
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दिए गए शब्दों का उपयोग करते हुए स्वरचित कविता बनाकर काव्यमंच पर प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर:
स्वरचित कविता
(शब्द: पर्वत, तारे, आकाश, पृथ्वी, नदी)
आकाश मे टिमटिमते तारे
पर्वत पर बहती नदिया
पृथ्वी सजी है मेरी
जैसी लहराती दुल्हनिया।
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निम्न शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए :-
उत्तर:
पर्यायवाची शब्द:
· तरु: 1) पेड़ 2) दरख्त 3) वृक्ष
· वसुंधरा: 1) पृथ्वी 2) धरती 3) मही
· चंद्र: 1) शशि 2) सोम 3) इंदु
· कृषक: 1) किसान 2) खेतिहर 3) अन्नदाता
· उद्यान: 1) बगीचा 2) वाटिका 3) चमन
· अरण्य: 1) वन 2) जंगल 3) विपिन
1 चाँदनी रात स्वाध्याय | चाँदनी रात कविता के प्रश्न उत्तर
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प्रस्तुत पद्यांश ‘पंचवटी‘ खंडकाव्य से लिया गया है। इसमें, चाँदनी भरी रात में प्रकृति की लुभावनी सुंदरता को बेहद खूबसूरती के साथ वर्णित किया गया है। इस विशेष क्षण पर, प्रसन्नता से नाचती हुई धरती, आकाश, और सभी दिशाएँ समेत सम्पूर्ण प्रकृति का अत्यंत सुन्दर वर्णन प्रस्तुत किया गया है।










