---Advertisement---

2.कक्षा 9वीं हिंदी पाठ 2 बिल्ली का बिलंगुड़ा | Billi ka Bilungada Swadhyay 9vi hindi

October 15, 2026 10:42 PM
---Advertisement---

 

Std 9 hindi chapter 2 Billi ka Bilungada swadhyay  | 9th Digest Chapter 2

 


.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;

/* Pink background */
background:#ffe6f2;
/* Darker pink border */
border:2px dashed #d63384;
border-radius:8px;

/* Pink text */
color:#d63384;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}

@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}

संभाषणीय

समूह बनाकर अपने दैनंदिन जीवन में घटित हास्य घटना/प्रसंग को संवाद रूप में प्रस्तुत कीजिए :-

कृति के लिए आवश्यक सोपान :

• घटना/प्रसंग का स्थान तथा समय के बारे में पूछें।

• क्या घटना घटी, कक्षा में परस्पर संवाद करवाएँ, इसपर चर्चा करवाएँ।

• घटना का परिणाम कहलवाएँ।

• कक्षा में संवाद करवाएँ।

उत्तर:

सीमा और उसके दोस्त आपस में बातें करते हुए जोर-जोर से हँस रहे थे। तभी अध्यापक कक्षा में आ गए।

अध्यापक : (मुस्कुराते हुए) अरे भई! इतनी हँसी किस बात पर हो रही है? हमें भी तो बताओ।

नेहा : सीमा, सर को भी पूरी बात सुनाओ।

अंकित : हाँ सीमा, अब सबको बताना ही पड़ेगा।

सीमा : सर, पिछले रविवार मैं और रोहन गाँव के मेले में गए थे। वहाँ हमने दो युवकों को देखा। उनके कपड़े और चाल-ढाल देखकर वे हमें किसी शरारती आदमी जैसे लगे।

रोहन : वे दोनों बहुत जल्दी-जल्दी कहीं जा रहे थे। हमें लगा कि जरूर उन्होंने कोई गलत काम किया है और अब भाग रहे हैं।

सीमा : इसलिए हम भी चुपचाप उनके पीछे-पीछे चल पड़े। काफी देर तक उनका पीछा करने के बाद हमने देखा कि वे एक बड़े भवन में घुस गए।

रोहन : फिर हमने धीरे से दरवाजा खोलकर अंदर देखा। वहाँ तो एक नाटक का अभ्यास चल रहा था और वे दोनों कलाकार निकले।

सीमा : तब हमें अपनी गलती का एहसास हुआ। हम बिना कुछ बोले वहाँ से वापस घर आ गए।

यह सुनते ही पूरी कक्षा ठहाके लगाकर हँसने लगी।

 


.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;

/* Pink background */
background:#ffe6f2;
/* Darker pink border */
border:2px dashed #d63384;
border-radius:8px;

/* Pink text */
color:#d63384;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}

@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}

पठनीय

महादेवी वर्मा जी द्वारा लिखित ‘मेरा परिवार‘ से किसी प्राणी का रेखाचित्र पढ़िए।

उत्तर:

गिल्लू बहुत ही बुद्धिमान और संवेदनशील था। वह महादेवी जी के बहुत पास रहने लगा। वह खिड़की के पास लगे अपने झूले में बैठता, घंटी बजाता और लेखक के आने-जाने की प्रतीक्षा करता।

जब महादेवी जी बीमार पड़ीं, तब गिल्लू ने उनकी सेवा की, उनके पास बैठा रहा और बिना खाए-पिए उनके ठीक होने तक उनके साथ रहा। यह प्रसंग यह दर्शाता है कि जानवरों में भी भावना और लगाव की गहराई होती है।

2 Billi ka Bilungada question answer | std 9 hindi chapter 2 Billi ka Bilungada question answer


श्रवणीय


अपने प्रिय प्राणी से संबंधित कोई कहानी सुनिए तथा उससे प्राप्त सीख सुनाइए। जैसे-पंचतंत्र की कहानियाँ आदि।

उत्तर:

एक जंगल में एक शक्तिशाली सिंह रहता था। एक दिन वह पेड़ के नीचे गहरी नींद में सो रहा था। तभी एक छोटा चूहा खेलते-खेलते उसके ऊपर चढ़ गया। सिंह की नींद टूट गई और वह गुस्से में चूहे को पकड़कर खाने लगा।

चूहा डर गया और बोला,

“महाराज, मुझे माफ कर दीजिए। हो सकता है कि कभी मैं भी आपके काम आ जाऊँ।”

यह सुनकर सिंह हँस पड़ा, क्योंकि उसे लगा कि छोटा-सा चूहा उसकी क्या मदद करेगा। फिर भी उसने दया करके चूहे को छोड़ दिया।

कुछ दिनों बाद सिंह एक शिकारी के जाल में फँस गया। वह जोर-जोर से दहाड़ने लगा। उसकी आवाज सुनकर वही चूहा वहाँ पहुँचा। उसने अपने तेज दाँतों से जाल को काट दिया और सिंह को आज़ाद कर दिया।

सिंह को अपनी गलती समझ में आ गई। उसने चूहे को धन्यवाद दिया और दोनों अच्छे मित्र बन गए।

 

शिक्षा (सीख):

हमें कभी किसी को छोटा या कमजोर नहीं समझना चाहिए।

9th class hindi chapter 2 Billi ka Bilungada question answer | std 9 hindi Billi ka Bilungada question answer


.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;

/* Pink background */
background:#ffe6f2;
/* Darker pink border */
border:2px dashed #d63384;
border-radius:8px;

/* Pink text */
color:#d63384;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}

@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}

आसपास

किसी पशु चिकित्सक से पालतू प्राणियों की सही देखभाल करने संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त कीजिए।

उत्तर:

पालतू प्राणियों की सही देखभाल: पशु चिकित्सक का मार्गदर्शन

            पालतू जानवर हमारे परिवार के सदस्य की तरह होते हैं। उनकी सही देखभाल के लिए हमें उनके आहार, स्वास्थ्य और मानसिक खुशहाली का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। एक पशु चिकित्सक के अनुसार, मुख्य रूप से निम्नलिखित बातों का पालन करना अनिवार्य है:

1. संतुलित और पौष्टिक आहार (Nutritional Diet)

·         उम्र के अनुसार भोजन: पिल्लों/बिल्ली के बच्चों और वयस्क जानवरों की पोषण संबंधी आवश्यकताएं अलग होती हैं। उन्हें उनकी उम्र और नस्ल के अनुसार ही खाना दें।

·         हानिकारक चीजों से बचाएं: चॉकलेट, प्याज, लहसुन, अंगूर, किशमिश और कैफीन जैसी चीजें पालतू जानवरों के लिए जहरीली हो सकती हैं। इन्हें भूलकर भी न दें।

·         साफ पानी: उनके बर्तन में हमेशा साफ और ताजा पीने का पानी उपलब्ध होना चाहिए।

2. नियमित टीकाकरण और कृमि मुक्ति

·         टीकाकरण: रेबीज (Rabies), पार्वोवायरस (Parvovirus), और डिस्टेंपर जैसी घातक बीमारियों से बचाने के लिए समय पर वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है। डॉक्टर द्वारा दिए गए वैक्सीनेशन कार्ड को हमेशा अपडेट रखें।

·         डीवर्मिंग: पेट के कीड़ों को मारने के लिए हर 3 से 6 महीने में (चिकित्सक की सलाह के अनुसार) डीवर्मिंग की दवा देना आवश्यक है। इससे उनका पाचन और वजन सही रहता है।

3. स्वच्छता और ग्रूमिंग

·         नहलाना और ब्रशिंग: नियमित रूप से उनके बालों को ब्रश करें ताकि वे आपस में न उलझें और त्वचा के संक्रमण  से बचाव हो सके। मौसम के हिसाब से ही उन्हें नहलाएं।

·         नाखून और कान की सफाई: उनके नाखूनों को नियमित रूप से काटें (ज्यादा अंदर तक न काटें) और कानों की सफाई पर ध्यान दें ताकि वैक्स या इन्फेक्शन न हो।

·         दांतों की देखभाल: पालतू जानवरों के दांतों में भी पायरिया या टार्टर जम सकता है। उनके लिए विशेष टूथपेस्ट का उपयोग करें।

4. व्यायाम और मानसिक सक्रियता

·         दैनिक वॉक : कुत्तों के लिए रोज सुबह-शाम टहलना और दौड़ना शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए जरूरी है।

5. रहने का सुरक्षित माहौल

·         मौसम से सुरक्षा: अत्यधिक गर्मी या कड़ाके की ठंड से उन्हें बचाएं। गर्मियों में उन्हें बंद गाड़ी या बिना वेंटिलेशन वाले कमरे में अकेला न छोड़ें।

·         सुरक्षित घर: घर की ऐसी दवाइयां, कीटनाशक  या नुकीली चीजें उनकी पहुंच से दूर रखें जिन्हें वे गलती से निगल सकते हैं।

9th class hindi chapter 2 Billi ka Bilungada question answer | std 9 hindi Billi ka Bilungada question answer


.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;

/* Pink background */
background:#ffe6f2;
/* Darker pink border */
border:2px dashed #d63384;
border-radius:8px;

/* Pink text */
color:#d63384;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}

@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}

लेखनीय

आपका पालतू कुत्ता दो दिनों से लापता है। उसके लिए समाचारपत्र में देने हेतु विज्ञापन तैयार कीजिए। निम्न मुद्दों का आधार लें।

रंग

नस्ल

संपर्क


उत्तर:

 



 

.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;

/* Pink background */
background:#ffe6f2;
/* Darker pink border */
border:2px dashed #d63384;
border-radius:8px;

/* Pink text */
color:#d63384;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}

@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}

मौलिक सृजन

अपने परिसर में लावारिस जानवरों की बढ़ती संख्या एवं उनसे होने वाली परेशानियों के बारे में संबंधित अधिकारी को पत्र लिखकर सूचना दीजिए।

उत्तर:


दिनांक: २२ जुलै  २०२६

 

सेवा में,

मुख्य नगर अधिकारी,

नगर निगम परिषद,

रामनगर।

 

विषय: परिसर में लावारिस जानवरों की समस्या के संबंध में।

 

महोदय,

मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान हमारे परिसर में लगातार बढ़ती लावारिस जानवरों की संख्या और उससे होने वाली परेशानियों की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। पिछले कुछ समय से क्षेत्र में बेसहारा पशुओं और आवारा कुत्तों की संख्या बहुत बढ़ गई है।

इसके कारण स्थानीय निवासियों को निम्नलिखित मुख्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है:

·         यातायात में बाधा: ये जानवर मुख्य सड़कों और मोड़ों पर बीच में बैठे रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

·         सुरक्षा का खतरा: आवारा जानवरों के हिंसक व्यवहार के कारण बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना असुरक्षित हो गया है।

·         गंदगी: इन पशुओं के कारण चारों ओर गंदगी और मलमूत्र फैलता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन लावारिस पशुओं को जल्द से जल्द पकड़कर सुरक्षित स्थानों (पशु आश्रय गृह/गौशाला) में भिजवाने की कृपा करें।

आपकी त्वरित कार्रवाई के लिए हम समस्त निवासी आपके आभारी रहेंगे।

 

भवदीय,

(राजेश शर्मा)

रामनगर निवासी

 

.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;

/* Pink background */
background:#ffe6f2;
/* Darker pink border */
border:2px dashed #d63384;
border-radius:8px;

/* Pink text */
color:#d63384;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}

@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}

पाठ के आंगन में

(१) सूचनानुसार कृतियाँ कीजिए :-

(क) संजाल :

उत्तर:

 

(ख) कहानी के प्रमुख पात्र

चूहे, बिल्ली, नौकर (अमरू), थानेदार।

 

(२) उत्तर लिखिए :

* बिल्ली के रवैये में आया परिवर्तन-

१.

२.

उत्तर:

बिल्ली के रवैये में आया परिवर्तन:

१. मालिक के आगे-पीछे न फिरना।

२. रसोई के आसपास दुबक जाना और मौका पाकर मनचाही चीज खा लेना।

 

(३) स्पष्ट कीजिए :

* घर के सदस्यों का बिल्ली के प्रति व्यवहार पहले और बाद में-

खान

पान

उत्तर:

घर के सदस्यों का बिल्ली के प्रति व्यवहार पहले और बाद में:

खान-पान:

  • खान – पहले – बच्चे कभी-कभी रोटी देते। थाली का जूठन खिलाते।
  • बाद में – चोरी से मनचाही चीज खाना।
  • पान – पहले – बच्चे कभी-कभी दुध पिलाते।
  • बाद में – चोरी से दूध-दही खाना।

 

 

.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;

/* Pink background */
background:#ffe6f2;
/* Darker pink border */
border:2px dashed #d63384;
border-radius:8px;

/* Pink text */
color:#d63384;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}

@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}

पाठ से आगे

‘प्राणी हमसे कहते हैं, जियो और जीने दो‘ इस विषय पर स्वमत प्रकट कीजिए।

उत्तर:

इस संसार में प्रत्येक प्राणी को जीने का अधिकार है। मनुष्य को चाहिए कि वह शांतिपूर्ण ढंग से अपना जीवन जिए, सबसे मिलजुल कर रहे और वक्त ज़रूरत पर सामर्थ्यभर ज़रूरतमंद व्यक्ति की सहायता करे। इसके साथ ही उसे इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि उसके कारण किसी को कोई तकलीफ न पहुँचे। हमें सभी प्राणियों पर दया करनी चाहिए और उनकी रक्षा करनी चाहिए। उनके साथ सहानुभूति रखना हमारा फर्ज होना चाहिए। हमें ‘जियो और जीने दो‘ के सिद्धांत का पालन करना चाहिए।

 

.kalpana-box{
width:100%;
margin:16px 0;
padding:14px;
box-sizing:border-box;

/* Pink background */
background:#ffe6f2;
/* Darker pink border */
border:2px dashed #d63384;
border-radius:8px;

/* Pink text */
color:#d63384;
font:700 1.5em “Segoe UI”,sans-serif;
text-align:center;
}

@media(max-width:600px){
.kalpana-box{
font-size:1.2em;
padding:10px;
}
}

रचना बोध

उत्तर: 

        प्रस्तुत पाठ में हास्य के माध्यम से गलतफहमी के कारण उत्पन्न विशेष स्थितियों का वर्णन किया गया है।

Billi ka Bilungada class 9 question answer | 9th class hindi Billi ka Bilungada


भाषा बिंदु


शब्दकोश की सहायता से रेखांकित शब्दों के विलोम खोजिए तथा उनसे नए वाक्य लिखिए:

 

(१) बिल्ली भी कम समझदार जानवर नहीं है।

समझदार X नासमझ

वाक्य:  केतकी नासमझ लाडकी है।

 

(२) अमरु स्वभाव से अल्पभाषी है।

अल्पभाषी X अतिभाषी

वाक्य: गौरव अतिभाषी लड़का है।

 

(३) पुरानी विचार धारा और परंपरा एकदम घपले में पड़ गई है।

पुरानी X नई

वाक्य: मैंने नई ड्रेस पहनी।

 

(४) अब हम उसे दुत्कार रहे हैं।

दुत्कार X पुचकार

वाक्य: दादाजी बच्चे को पुचकार रहे हैं।

 

(५) दसियों ने इस सुंदर प्रस्ताव का समर्थन किया।

समर्थन X विरोध

वाक्य: हम सबने मिलकर पेड़ काटने का विरोध किया।

 

(६) डायनासोर प्राणी अब दुर्लभ हो गए हैं।

दुर्लभ X  सुलभ

वाक्य: दूर देश में जाना अब सुलभ हो गया है।

 

(७) वह तटस्थ होकर अपने विचार रखता है।

 

तटस्थ X शामिल / संलिप्त

वाक्य: बच्चों के साथ वह भी शामिल हो गया।

 

(८) इस भौतिक जीवन में मनुष्य बहुत खुश है।

भौतिक X पारलौकिक

वाक्य: पारलौकिक फल मनुष्य के कर्मों से मिलता है।

 

(९) गर्मियों में सारी धरती शुष्क हो जाती है।

शुष्क X हरा-भरा

वाक्य: बगीचा हरा-भरा है।

 

(१०) पैसों का अपव्यय नहीं करना चाहिए।

अपव्यय X सदुपयोग

वाक्य: समय का सदुपयोग करना समझदारी है।

*************

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment