8th Standard Hindi Chapter 6 Question Answer Maharashtra Board | जरा प्यार से बोलना सीख लीजे स्वाध्याय
जरा प्यार से बोलना सीख लीजे स्वाध्याय | Jara Pyar Se Bolna Sikh Lije Swadhyay
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Maharashtra Board Class 8 Hindi Chapter 6 Solutions | Jara Pyar Se Bolna Sikh Lije Workbook Answers
‘वाणी की मधुरता सामने वाले का
मन जीत लेती है।‘ इस तथ्य पर अपने विचार लिखो।
उत्तर:
यह बात बिल्कुल सही है कि हमें हमेशा मीठी और विनम्र
वाणी बोलनी चाहिए। मीठे शब्द न केवल हमारे मन को प्रसन्न करते हैं, बल्कि सामने वाले
के मन में भी खुशी और अपनापन पैदा करते हैं। हमारी मधुर वाणी का दूसरों पर
सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और आपसी संबंध मजबूत होते हैं।
मीठे वचन बोलने वाला व्यक्ति सभी का प्रिय बन जाता है।
लोग उससे सम्मान और प्रेम के साथ व्यवहार करते हैं। इसके विपरीत, कटु और कठोर
वचन बोलने वाले व्यक्ति से लोग दूरी बनाना पसंद करते हैं। इसलिए हमें हमेशा
सोच-समझकर और प्रेमपूर्वक बोलना चाहिए।
विनम्रता और मधुर वाणी मनुष्य का सबसे सुंदर आभूषण है।
यह हमारे अच्छे संस्कारों और श्रेष्ठ व्यक्तित्व की पहचान कराती है। इसलिए हमें
अपने व्यवहार में सदैव मीठी वाणी और नम्रता का पालन करना चाहिए।
Jara Pyar Se Bolna Seekh Lije Class 8 Hindi | Jara Pyar Se Bolna Sikh Lijiye Summary Class 8
* सूचनानुसार कृतियाँ करो :-
(१) प्रवाह तालिका पूर्ण करो :
उत्तर:
SHAPE * MERGEFORMAT
(२) उत्तर लिखो :
१.
काँटे बोने वाले –
२.
चुभने वाली –
३.
फटने वाले –
उत्तर
:
१.
काँटे बोने वाले – कटु वचन
२.
चुभने वाली – बात बेबात
३.
फटने वाले – पटाखे की तरह
(३) चुप रहने के चार फायदे लिखो
:
उत्तर
:
१)
ऊर्जा की बचत होती है।
२) समय
की बचत होती है ।
३)
मनमुटाव होने की संभावना कम हो जाती है ।
४)
ऊर्जा को किसी सकारात्मक कार्य में लगाया जा सकता है ।
(४) कविता की अंतिम चार
पंक्तियों का अर्थ लिखो।
उत्तर
:
कविता
की अंतिम चार पंक्तियां:
बात
बेबात कोई चुभने लगे तो,
बदलकर
उसे मोड़ना सीख लीजे ।
ये
किसने कहा होंठ सीकर के बैठो,
जरूरत
पे मुँह खोलना सीख लीजे ।
अर्थ:
यदि बात करते-करते कोई ऐसा प्रसंग आ जाए कि किसी की बात
आपको या आपकी बात दूसरों को चुभने लगे, तो बात को प्यार के मोड़ पर लाना सीखो, ताकि वातावरण
की कटुता दूर हो जाए। पर साथ ही इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि हमें अनुचित बात
पर होंठ सीकर यानी चुप भी नहीं बैठना चाहिए। कहीं, कोई, किसी प्रकार का अन्याय कर रहा
हो या अत्याचार हो रहा हो तो उस समय चुप रह जाना भी अन्याय ही होगा। हमें ऐसी
परिस्थिति में डटकर जोरदार शब्दों में उसका विरोध करना चाहिए।
(५) कविता में आए इस अर्थ के
शब्द लिखो :
उत्तर
:
|
अर्थ |
शब्द |
|
(१) मधु |
शहद |
|
(२) कड़वे |
कटु |
|
(३) विचार |
खयाल |
|
(४) आवश्यकता |
जरुरत |
जरा प्यार से बोलना सीख लीजे class 8 | Jara Pyar Se Bolna Sikh Lije Class 8 Question Answer
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उपसर्ग/प्रत्यय
अलग करके मूल शब्द लिखो :
भारतीय, आस्थावान, व्यक्तित्व, स्नेहिल, बेबात, निरादर, प्रत्येक, सुयोग
उत्तर
:
|
शब्द |
प्रत्यय |
मूल शब्द |
|
भारतीय |
ईय |
भारत |
|
आस्थावान |
वान |
आस्था |
|
व्यक्तित्व |
त्व |
व्यक्ति |
|
स्नेहिल |
इल |
स्नेह |
|
शब्द |
उपसर्ग |
मूल शब्द |
|
बेबात |
बे |
बात |
|
निरादर |
निर् |
आदर |
|
प्रत्येक |
प्रति |
एक |
|
सुयोग |
सु |
योग |
Class 8 Hindi Chapter 6 Jara Pyar Se Bolna Sikh Lije | Class 8 Hindi Sulabhbharati Chapter 6 Explanation
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‘यातायात की समस्याएँ
एवं उपाय‘ विषय पर निबंध लिखो।
उत्तर
:
यातायात की समस्याएँ एवं उपाय
यातायात किसी भी देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार है।
लोगों और वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में यातायात की
महत्वपूर्ण भूमिका होती है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और वाहनों की संख्या
में लगातार वृद्धि के कारण आज यातायात से जुड़ी अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।
इन समस्याओं का समाधान करना समय की आवश्यकता है।
आज शहरों में सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम है। सड़कों
पर वाहनों की अधिक संख्या के कारण लोगों का समय और ईंधन दोनों व्यर्थ होते हैं। कई
स्थानों पर सड़कों की खराब स्थिति, अवैध पार्किंग तथा यातायात नियमों का पालन न करना भी
समस्या को बढ़ाता है। तेज गति से वाहन चलाना, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए
ड्राइविंग करना और हेलमेट या सीट बेल्ट का प्रयोग न करना सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य
कारण है। इसके अलावा, वाहनों से निकलने वाला धुआँ वायु और ध्वनि प्रदूषण को बढ़ाता है, जिससे लोगों
के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
यातायात की समस्याओं को कम करने के लिए अच्छी और चौड़ी
सड़कों का निर्माण किया जाना चाहिए। लोगों को सार्वजनिक परिवहन, जैसे बस और
मेट्रो का अधिक उपयोग करना चाहिए। प्रत्येक नागरिक को यातायात नियमों का पालन करना
चाहिए तथा लाल बत्ती, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और गति सीमा का सम्मान करना चाहिए। सरकार को सख्त नियम
लागू करने के साथ-साथ लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी करना चाहिए। वाहन
चलाते समय मोबाइल का उपयोग नहीं करना चाहिए और हमेशा हेलमेट तथा सीट बेल्ट का
प्रयोग करना चाहिए।
यातायात की समस्याएँ केवल सरकार की नहीं, बल्कि
प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी हैं। यदि हम सभी नियमों का पालन करें, अनुशासन बनाए
रखें और सुरक्षित वाहन चलाएँ, तो दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है। सुरक्षित और
सुव्यवस्थित यातायात ही एक विकसित, स्वच्छ और प्रगतिशील समाज की पहचान है।
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उत्तर:
इस कविता से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें हमेशा मीठी और प्रेमपूर्ण वाणी बोलनी चाहिए। बोलने से पहले अपने शब्दों और विचारों पर
अच्छी तरह विचार करना चाहिए। बिना सोचे-समझे किसी से कठोर या कटु बातें नहीं करनी
चाहिए। हमें अपने क्रोध और भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए तथा गलती होने पर स्वयं
को सुधारने का प्रयास करना चाहिए। जीवन में हमेशा सकारात्मक सोच, विनम्रता और अच्छे व्यवहार को अपनाना चाहिए। यही गुण
हमें समाज में सम्मान और सफलता दिलाते हैं।
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हिंदी
साप्ताहिक पत्रिकाएँ/समाचार पत्रों से प्रेरक कथाओं का संकलन करो।
उत्तर:
1. ईमानदारी का फल
एक दिन एक गरीब बालक को सड़क पर पैसों से भरा हुआ बटुआ मिला। उसने बिना
किसी लालच के उसे उसके मालिक तक पहुँचा दिया। बटुए के मालिक ने उसे इनाम देना चाहा, लेकिन बालक ने विनम्रता से मना कर दिया। उसकी ईमानदारी
से प्रभावित होकर मालिक ने उसकी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने का निर्णय लिया।
शिक्षा: ईमानदारी का
फल हमेशा मीठा होता है।
2. मेहनत की जीत
एक किसान के दो बेटे थे। एक मेहनती था और दूसरा आलसी। मेहनती बेटा प्रतिदिन
खेत में काम करता था, जबकि दूसरा
समय व्यर्थ गँवाता था। कुछ वर्षों बाद मेहनती बेटे की फसल अच्छी हुई और वह समृद्ध
हो गया। आलसी बेटा पछताने लगा और उसने भी मेहनत करना शुरू कर दिया।
शिक्षा: सफलता का
रहस्य कठिन परिश्रम में छिपा है।
3. समय का महत्व
एक छात्र पढ़ाई को हमेशा टालता रहता था। परीक्षा आने पर उसे बहुत कठिनाई
हुई और वह अच्छे अंक नहीं ला सका। अगले वर्ष उसने समय का सही उपयोग किया, नियमित अध्ययन किया और परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त
किया।
शिक्षा: समय का
सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है।
4. वृक्ष का उपकार
एक छोटे बच्चे ने अपने जन्मदिन पर एक पौधा लगाया। उसने नियमित रूप से उसकी
देखभाल की। कुछ वर्षों बाद वही पौधा एक बड़ा पेड़ बन गया, जो लोगों को छाया, फल और शुद्ध हवा देने लगा।
शिक्षा: पेड़ लगाना और
उनकी रक्षा करना हमारा कर्तव्य है।
5. दया और सहायता
एक वृद्ध व्यक्ति सड़क पार करने में असमर्थ था। एक छात्र ने उनकी सहायता की
और सुरक्षित सड़क पार कराई। वृद्ध ने उसे आशीर्वाद दिया और कहा कि दूसरों की मदद
करना सबसे बड़ा धर्म है।
शिक्षा: दूसरों की
सहायता करने से सच्चा सुख मिलता है।
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