5.मधुबन हिंदी पाठ 5 प्रश्न उत्तर | Madhuban Class 8 Question Answer

Class 8 Hindi Madhuban Complete Solution Maharashtra Board Std 8 Hindi Madhuban Swadhyay मधुबन कविता स्वाध्याय मधुबन हिंदी पाठ 5
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Class 8 Hindi Madhuban Complete Solution | मधुबन हिंदी पाठ 5 प्रश्न उत्तर


मधुबन स्वाध्याय

Std 8 Hindi Madhuban | मधुबन स्वाध्याय इयत्ता आठवी PDF


मौलिक सृजन

'कहानियों/कविताओं द्वारा मनोरंजन तथा ज्ञान प्राप्ति होती है,' इसपर अपने मत लिखो।

उत्तर:

कहानियाँ और कविताएँ हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये केवल हमारा मनोरंजन ही नहीं करतीं, बल्कि हमें ज्ञान और अच्छी सीख भी देती हैं। कहानियों के माध्यम से हमें सत्य, ईमानदारी, दया, साहस और परिश्रम जैसे नैतिक मूल्यों की शिक्षा मिलती है। वहीं कविताएँ हमें प्रकृति, देशभक्ति, प्रेम, मानवता और जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराती हैं।

कहानियाँ और कविताएँ हमारी कल्पनाशक्ति, भाषा-ज्ञान और सोचने-समझने की क्षमता का भी विकास करती हैं। इनके माध्यम से हम महान व्यक्तियों के जीवन, संस्कृति और समाज के बारे में भी बहुत कुछ सीखते हैं।

निष्कर्ष:
 मेरे विचार से कहानियाँ और कविताएँ मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा का भी श्रेष्ठ माध्यम हैं। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को नियमित रूप से अच्छी कहानियाँ और कविताएँ पढ़नी चाहिए।

 Class 8 Hindi Maharashtra Board Madhuban | Maharashtra Board Class 8 Hindi Chapter 5

श्रवणीय

यू-ट्यूब पर संत कबीर के दोहे सुनो और सुनाओ।

उत्तर:

बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।

जो मन देखा अपना, मुझ से बुरा न कोय ॥ 

ऐसी वाणी बोलिए, मन का आप खोये।

औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए ॥ 

माटी कहे कुम्हार से, तू क्या रोंदे मोय।

एक दिन ऐसा आएगा, मैं रोंदूगी तोय ॥ 

दुःख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय।

जो सुख में सुमिरन करे, तो दुःख काहे को होय ॥ 

निंदक नियरे राखिये, आँगन कुटी छावाएं।

बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुहाए ॥ 

कल करे सो आज कर, आज करे सो अब।

पल में परलय होएगी, बहुरि करेगा कब ॥

 

 मधुबन Class 8 Hindi | Madhuban Swadhyay

संभाषणीय

'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' पर पथनाट्य प्रस्तुत करो।

उत्तर:

…………………

 

 

लेखनीय

साक्षात्कार लेने के लिए किन-किन प्रश्नवाचक शब्दों का प्रयोग हो सकता है, सूची तैयार करो। प्रत्येक शब्द से एक-एक प्रश्न बनाकर लिखो।

उत्तर:

·       क्या - आपका नाम क्या है ?

·       कहाँ - आप कहाँ रहते है ?

·       कौन - आपके परिवार में कौन-कौन है ?

·       कितना - आप कितना पढ़े है ?

·       कब - यह काम करने का आपने कब सोचा ?

·       कैसे - आप इस मुकाम तक कैसे पहुँचे ?

·       क्या - आपने इस मुकाम तक आने के लिए क्या-क्या किया ?

·       क्यों - आप राजनीति में क्यों नहीं गए ?

·       किसके - किसके कहने से आपने यह काम करने का सोचा ?

·       कैसा - इस मुकाम पर आकर अब आप कैसा महसूस करते हैं ?

 

पठनीय

द्विभाषी शब्दकोश पढ़कर उसके आधार पर किसी एक पाठ का द्विभाषी शब्दकोश बनाओ।

उत्तर:

भाषाकोश एक भाषा का हो सकता है और एक से अधिक भाषाओं के भी। एक भाषा वाले कोश को एकभाषी कोश कहते हैं, जैसे- हिंदी-हिंदी या अंग्रेजी-अंग्रेजी शब्द कोश। इसी तरह द्विभाषी कोश होता है जिसमें दो भाषाएं होती हैं, जैसे- हिंदी-अंग्रेजी या अंग्रेजी-हिंदी शब्द कोश।

  • अवसर - Chance
  • उत्तर - Answer
  • उत्सव - Festival
  • घंटी - Bell
  • दिमाग - Mind
  • निकट - Close
  • नौकर - Servant
  • पहला - First
  • प्रवेश - Entry
  • मुलाकात - Interview
  • विचार - Thought
  • विभिन्न - Different
  • समय - Time
  • सम्मेलन - Conference

 

 Madhuban Question Answer | Madhuban Hindi Chapter 5

* सूचना के अनुसार कृतियाँ करो :-

(१) संजाल पूर्ण करो 

उत्तर:


(२) कारण लिखो :

१. डॉक्टर साहब का राजनीति से दूर रहने का कारण-

उत्तर: डॉक्टर साहब को राजनीति में कोई रुचि नहीं थी। वे साहित्य चिंतन में विश्वास रखते थे।

 

 

२. डॉक्टर साहब का मध्यप्रदेश से उत्तर प्रदेश आने के लिए प्रेरित होने का कारण –

उत्तर: डॉक्टर साहब मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश आने के लिए प्रेरित हुए क्योंकि नागपुर विश्वविद्यालय में हिंदी विषय नहीं था।

 

3. पाठ में प्रयुक्त भूतपूर्व प्रधानमंत्रियों के नाम लिखो।

उत्तर:

जवाहरलाल नेहरू

लालबहादुर शास्त्री

इंदिरा गांधी

मोरारजी देसाई

 

(४) कृति पूर्ण करो :





उत्तर:

 5.मधुबन हिंदी पाठ 5 प्रश्न उत्तर | Madhuban Class 8 Question Answer

भाषा बिंदु

निम्न शब्दों से कृदंत/तद्धित बनाओ :

मिलना, ठहरना, इनसान, शौक, देना, कहना, भाव, बैठना, घर, धन

उत्तर:

·मिलना – मिलन

· ठहरना – ठहराव

· इंसान – इंसानियत

· शौक – शौकीन

· देना – देने वाला

·  कहना – कहने वाला

·भाव – भावना

· बैठना – बैठक

·  घर – घरेलू

· धन – धनी


उपयोजित लेखन

अपने विद्यालय में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह का प्रमुख मुद्दों सहित वृत्तांत लेखन करो।

उत्तर:

विद्यालय में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी के

उद्घाटन समारोह का वृत्तांत

दिनांक:29 फरवरी 2025

हमारे विद्यालय में 28 फरवरी,2025 को विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे मुख्य अतिथि डॉ. राजेश शर्मा तथा विद्यालय के प्राचार्य द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ।

प्राचार्य महोदय ने अपने स्वागत भाषण में विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और नवाचार की भावना विकसित करने का संदेश दिया। मुख्य अतिथि ने विज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को नए-नए आविष्कार करने के लिए प्रेरित किया।

प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, स्मार्ट सिटी, रोबोटिक्स, पर्यावरण संरक्षण, जल प्रदूषण नियंत्रण तथा विज्ञान आधारित विभिन्न कार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि ने सभी मॉडलों का अवलोकन किया और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।

अंत में उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विज्ञान प्रदर्शनी ने सभी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित किया।

 

मैने समझा

उत्तर:

इस पाठ के माध्यम से मैंने प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. रामकुमार वर्मा के जीवन से संबंधित जानकारी प्राप्त की। उनकी काव्य रचना की प्रेरणा के बारे में जाना; साहित्य के प्रति उनके जीवन के लौकिक व पारलौकिक प्रेम तथा देश की राजनीति में उनकी रुचि आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

 मधुबन Solution | मधुबन Exercise Answers


स्वयं अध्ययन

अंतरजाल से डॉ. रामकुमार वर्मा जी से संबंधित अन्य साहित्यिक जानकारियाँ प्राप्त करो।

उत्तर:

डॉ. राजकुमार जी की प्रमुख रचनाओं में 'पृथ्वीराज की आँखें', 'रेशमी टाई', 'चारुमित्रा', 'दीपदान', 'अभिशाप', 'एकलव्य', 'हिमालय', 'कबीर का रहस्यवाद', 'जौहर', 'आकाशगंगा', 'चित्ररेखा', 'उत्तरायण' आदि का समावेश है। १९३० में रचित 'बादल की मृत्यु' इनकी पहली एकांकी है। इन्होंने ऐतिहासिक और सामाजिक दो तरह के एकांकी नाटकों की सृष्टि की। कभी कवि तो कभी एकांकीकार, कभी नाटककार तो कभी आलोचक, कभी शोधकर्ता तो कभी साहित्य के इतिहास लेखक के रूप में इन्होंने हिंदी साहित्य को अपनी कृतियों से चमत्कृत किया है।


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प्रिय मित्रांनो आम्ही दिलेली माहिती तुम्हाला आवडल्यास, उपयोगी पडल्यास आम्हाला नक्की comment करून सांगा. धन्यवाद.