Maharashtra Board Class 8 Hindi "पूर्ण विश्राम" — Question Answers & Swadhyay Solutions

Class 8 Hindi Purna Vishram | 8th Standard Hindi Chapter Purna Vishram Question Answer
पर्यटन
स्थलों पर सैर करने के लिए जाते समय बरती जाने वाली सावधानियों की सूची बनाओ।
उत्तर:
· यात्रा पर जाने से पहले पूरी योजना बना लें।
· आवश्यक पहचान पत्र और टिकट अपने साथ रखें।
· अपने सामान और कीमती वस्तुओं की अच्छी तरह सुरक्षा करें।
· अनजान व्यक्तियों पर तुरंत विश्वास न करें।
· पर्यटन स्थल की स्वच्छता बनाए रखें और कूड़ा-कचरा इधर-उधर न फैलाएँ।
· स्थानीय नियमों और निर्देशों का पालन करें।
· भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सावधानी बरतें तथा अपने परिवार या समूह के साथ रहें।
· पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी और आवश्यक दवाइयाँ साथ रखें।
· मौसम के अनुसार उचित कपड़े और आवश्यक सामान साथ रखें।
· प्राकृतिक स्थलों पर पेड़-पौधों और वन्य जीवों को नुकसान न पहुँचाएँ।
· किसी भी जोखिम भरे स्थान पर बिना अनुमति के न जाएँ।
· आपातकालीन संपर्क नंबर हमेशा अपने पास रखें।
Class 8th Hindi Purna Vishram Solution | Purna Vishram Lesson Class 8 Hindi
दूरदर्शन, रेडियो, यू-ट्यूब पर हास्य
कविता सुनो और सुनाओ।
उत्तर:
पिताजी
ने बेटे को बुलाया पास में बिठाया,
बोले
आज राज की मैं बात ये बताऊंगा।
शादी
तो है बरबादी मत करवाना बेटे,
तुमको
किसी तरह मैं शादी से बचाऊंगा।
बेटा
मुस्कुराया बोला ठीक फरमाया डैड,
मौका
मिल गया तो मैं भी फर्ज ये निभाऊंगा।
शादी
मत करवाना तुम कभी जिन्दगी में,
मैं भी
अपने बच्चों को यही समझाऊंगा। एक नए अखबार
वाले सर्वे कर रहे थे
मैंने
कहा मैं भी खूब अखबार लेता हूँ।
जागरण, भास्कर, केसरी और
हरिभूमि
हिन्दी
हो या अंगरेजी सबका संचय करता हूँ।
पत्रकार
बोला इतनों को कैसे पढ़ते हैं
मैंने
कहा ये भी बात साफ कर देता हूँ।
पढ़ने
का तो कोइ भी प्रश्न ही नहीं है साब
मैं
कबाड़ी हूं पुराने तोलकर लेता हूँ
Maharashtra Board Class 8 Hindi Purna Vishram Solutions | Purna Vishram Workbook Answers Class 8
प्रेमचंद
की कोई कहानी पढ़ो और उसका आशय, अपने शब्दों में व्यक्त करो।
उत्तर:
कफन
इस कहानी के कथानक की सर्जना मनोविज्ञान की अनुभूति के
धरातल पर हुई है। यह अत्यन्त सुगठित एवं सुव्यवस्थित है तथा इसमें केवल एक संवेदना
का सूत्र सम्पूर्ण कथानक की सृष्टि में प्रयुक्त हुआ है। इस कहानी में कथानक की
मूल संवेदना यह है कि आधुनिक आर्थिक विषमता, बेरोजगारी और निकम्मे समाज
व्यवस्था के कारण सर्वहारा वर्ग कितना स्वार्थी, कामचोर और जड़ हो जाता है कि वह
अपनी मृतक पुत्रवधू और पत्नी के कफ़न के लिए एकत्र चन्दे के धन को शराब पीने में
व्यय कर डालता है और अन्त में अपने कुकृत्य का समर्थन करने के लिए समाज की
रीति-रिवाज को कोसता हुआ कहता है कि "कैसा बुरा रिवाज है कि जिसे जीते जी, तन ढकन को
चीथड़ा भी न मिले उसे मरने पर कफन चाहिए।"
Purna Vishram Class 8 Explanation in Hindi | Class 8 Hindi Sulabhbharati Purna Vishram Solutions
'सड़क सुरक्षा सप्ताह' के अवसर पर
यातायात के नियमों के बैनर्स बनाकर विद्यालय की दीवारों पर लगाओ।
उत्तर:
1. नो एंट्री एरिया मे कोई भी वाहन ले जाना मना है।
2. इस एरिया मे गलत साइड मे वाहन को ले जाने की अनुमति नही है।
3. इस एरिया मे रोड के दोनों साइड वाहन ले जाने की अनुमति नही है।
4. इस साइन का मतलब होता है की लेफ्ट साइड मे टर्न न ले।
5. इस साइन का मतलब होता है की राइट साइड मे टर्न न ले।
6. नो पार्किंग ज़ोन मे आप अपना वाहन खड़ा नही कर सकते।
7. यहाँ हॉर्न बजाने की अनुमति नही है।
8. इस साइन का मतलब होता है की आप लेफ्ट टर्न ले सकते हैं।
9. इस एरिया में किसी भी वाहन को चलते समय रुकने को अनुमति नहीं है।
किसी
दुकानदार और ग्राहक के बीच का संवाद प्रस्तुत करो।
उत्तर:
दुकानदार और ग्राहक के बीच संवाद (सब्ज़ी खरीदने पर)
ग्राहक : नमस्ते भैया!
ताज़े टमाटर हैं क्या?
दुकानदार : जी हाँ, बिल्कुल ताज़े हैं। कितने किलो चाहिए?
ग्राहक : एक किलो टमाटर
और एक किलो आलू दे दीजिए। क्या भाव है?
दुकानदार : टमाटर 60 रुपये किलो और आलू 40 रुपये किलो हैं।
ग्राहक : लेकिन सामने
वाली दुकान पर टमाटर 50 रुपये किलो
मिल रहे हैं। आप इतने महँगे क्यों बेच रहे हैं?
दुकानदार : जी, हमारे टमाटर खेत से आज ही आए हैं। इसलिए इनकी गुणवत्ता
अच्छी है।
ग्राहक : फिर भी कुछ तो
कम कर दीजिए। मैं रोज़ आपकी दुकान से सामान लेता हूँ।
दुकानदार : ठीक है, आपके लिए टमाटर 55 रुपये किलो और आलू 35 रुपये किलो
लगा देता हूँ।
ग्राहक : धन्यवाद भैया।
कुल कितने रुपये हुए?
दुकानदार : कुल 90 रुपये हुए।
ग्राहक : यह लीजिए 100 रुपये। बाकी 10 रुपये वापस कर दीजिए।
दुकानदार : जी, ये लीजिए आपके 10 रुपये और सामान।
ग्राहक : धन्यवाद! आपका
व्यवहार बहुत अच्छा है। अब से मैं यहीं से खरीदारी करूँगा।
दुकानदार : आपका भी
धन्यवाद। फिर आइएगा। शुभ दिन!
* सूचना के अनुसार कृतियाँ करो :-
(१) संजाल पूर्ण करो :
उत्तर:
(२) प्रवाह तालिका पूर्ण करो :
उत्तर:
(३) लिखो :
पर्यायवाची
शब्द :
उत्तर:
1. ऐनक - चश्मा
2. रात - रजनी
3. अखबार - समाचार
4. घर - मकान
निम्नलिखित
समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्दों के अर्थ लिखो तथा उन शब्दों का अलग-अलग पूर्ण वाक्यों
में प्रयोग करो : हार, वार, हल, सीना, ज्वार, सुमन
उत्तर:
हार
(१) माला - मैंने गुलाब के फूलों
का हार बनवाया ।
(२) पराजय - दुश्मन सेना युद्ध में हार गयी ।
वार
(१) दिन - आज कौन सा वार है ।
(२) आक्रमण - मनोज ने शेर पे
कुल्हाड़ी से वार किया ।
हल
(१) जवाब - मेरे पास तुम्हारे
सभी सवालों के हल है ।
(२) भूमि जोतने का साधन - किसान
दिन निकलते ही हल लेकर अपने खेतों में चला जाता है ।
सीना
(१) सिलाई काम - मुझे कपड़े सीना
बहुत अच्छा लगता है ।
(२) छाती - जीत के कारण वीर जवानों का सिना गर्व से फूल गया ।
ज्वार
(१) एक अनाज - ज्वार में लोह
तत्व काफी मात्रा में पाया जाता है ।
(२) समुद्र के जल का उभार - ज्वार में पानी के साथ बहुत सी मछलियाँ किनारे पर आ जाती है ।
सुमन
(१) फूल - बाग में सुंदर सुमन
देखकर मन प्रसन्न हो गया ।
(२) अच्छा मन - सुमन के साथ काम
करोगे तो परिणाम अच्छा ही होगा।
कोई
साप्ताहिक पत्रिका अनियमित रूप में प्राप्त होने के विरोध में शिकायत करते हुए
संपादक को निम्न प्रारूप में पत्र लिखो :
पत्र का प्रारूप
(औपचारिक पत्र)
दिनांक
:
प्रति,
..................
..................
विषय :
..................
संदर्भ
: ...................
महोदय,
विषय
विवेचन
..........................
भवदीय/भवदीया,
नाम :.................
पता :..................
ई-मेल आईडी :..........
उत्तर:
दिनांक : 25-12-2026
विषय :
साप्ताहिक पत्रिका समय पर प्राप्त न होने के संबंध में शिकायत।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपकी
लोकप्रिय 'किशोर' साप्ताहिक पत्रिका का नियमित पाठक एवं
वार्षिक सदस्य हूँ। आपकी पत्रिका की सामग्री अत्यंत ज्ञानवर्धक और रोचक होती है,
इसलिए मैं प्रत्येक अंक की उत्सुकता से प्रतीक्षा करता हूँ।
किन्तु पिछले कुछ महीनों से
पत्रिका समय पर प्राप्त नहीं हो रही है। कई बार अंक एक सप्ताह या उससे अधिक विलंब से
पहुँचता है, जिससे नई जानकारी और महत्वपूर्ण लेख समय पर पढ़ने से वंचित
रह जाता हूँ। वार्षिक सदस्य होने के बावजूद इस प्रकार की असुविधा होना निराशाजनक
है।
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि इस
समस्या की जाँच कर संबंधित वितरण विभाग को आवश्यक निर्देश दें, ताकि भविष्य में
पत्रिका नियमित रूप से और समय पर प्राप्त हो सके।
आशा है कि आप मेरी शिकायत पर शीघ्र
ध्यान देंगे।
धन्यवाद।
उत्तर:
प्राचीन
काल से आज तक प्रचलित संदेश वहन के साधनों की सचित्र सूची तैयार करो।
उत्तर:





